अनकही सी ख्वाहिश

कितना गहरा है जाल जिंदगी का,खबर थी तुझे !!!
जीना कैसे है इसमे, सिखाया आके तूने मुझे !!!

मेरे दिल के सूखे समंदर में समाया है तू ,
तेरे नैनो में डूबी तिलमिलती मछली मै हूँ !!!

ले चल मुझे परिंदे की ऊची उड़ान भर तू ,
उड़ना ना जाने, वो काले आसमान की तितली मै हूँ !!!

तेरी मुस्कराहट की स्याही से कर रंगीन मुझे तू ,
एक बेरंग सांझ की बिखरी तस्वीर मै हूँ !!!

खींचे जो रिश्तो को करीब, वो डोर है तू ,
बंजर पडे समाज मे उलझी, एक उलझन मै हूँ!!!

जरूरतो को दरकिनार कर, बेकरार सी मेरी ख्वाहिश तू ,
दिन का सुकून गवा दिया, अब रातें भी तेरे नाम करती हूँ !!!

हो अगर मेरे बस में, तो छीन लू दुनिया से तुझे ,
हे तमन्ना तू मेरी, दिल ने इतनी सी की फ़रमाइश मुझे !!!

Published by palak patel

Keen as Kid & Kind as Knight !! Love to Lift the Laws of Love...!!!

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